मुंबई

खादी और ग्रामो द्योग आयोग

सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार

प्रेस विज्ञप्ति

  • “नवधाराखादी”– परंपरा से प्रगति की ओर युवा भारत की ‘ग्लोबल दस्तक’.
  • केवी आई सी ने लैक्मे फैशन वीक में “नव धारा खादी” के रूप में ‘नये भारत की नयी खादी’ केनएस्व रूप को विशेष प्रस्तुति के माध्यम से प्रदर्शित किया.
  • मुंबई स्थित जियोवर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में फैशन डिजाइन काउंसिल ऑफ इंडिया (FDCI) के सहयोग से आयोजित फैशन शोमें देश के प्रमुख डिजाइनरों ने खादी को समकालीन फैशन के रूप में प्रस्तुत किया।
  • “नवधाराखादी” खादी के लिए एक नई सोच का प्रतीक है, जो परंपरा और नवाचार के बीच संतुलन स्थापित करते हुए आधुनिक परिधान में इसकी उपयोगिता को दर्शाता है।
  • प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘खादी फॉर नेशन, खादी फॉर फैशन और खादी फॉर ट्रांसफॉर्मेशन’ के आह्वान को दो हराते हुए अध्यक्ष के वी आ ई सी श्री मनोज कुमार ने कहा कि उनके दूर दर्शीनेतृत्व में खादी आंदोलन को राष्ट्रीय एवं अंतर राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है।

खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) ने लैक्मे फैशन वीक में “नव धारा खादी” के रूप में खादी के एक नए, आधुनिक और युवा स्वरूप को प्रस्तुत किया। यह प्रस्तुति न केवल खादी की शाश्वत प्रासंगिकता को दर्शाती है, बल्कि इसे समकालीन फैशन, स्थिरता (Sustainability) औरनवाचार से जोड़ते हुए एक नई दिशा प्रदान करती है। मुंबई स्थित जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में आयोजित इस विशेष फैशन शो में देश के अग्रणी डिजाइनरों ने खादी को एक ट्रेंडी, स्टाइलिश और ग्लोबल फै ब्रिकके रूप में प्रस्तुत किया। यह आयोजन फैशन डिजाइन काउंसिल ऑफ इंडिया (FDCI) के सहयोग से संपन्न हुआ।

“नव धारा खादी” केवल एक फैशन प्रस्तुति नहीं, बल्कि एक विचार है— जहां बापू की विरासत प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विज़न वाले आधुनिक भारत की ऊर्जा से मिलती है। यह खादी को सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि भविष्य का फैब्रिक बनाता है। मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए KVIC के अध्यक्ष श्री मनोज कुमार ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान महात्मा गांधी द्वारा दिया गया स्वदेशी और आत्मनिर्भरता का संदेश आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदीके नेतृत्व में एक नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री का मंत्र— “खादी फॉर नेशन, खादी फॉर फैशन और खादी फॉर ट्रांसफॉर्मेशन”— आज “नवधाराखादी” के रूप में साकार हो रहा है। उन्होंने आगे कहा कि आज का युवा खादी को केवल परंपरा के रूप में नहीं, बल्कि सस्टेनेबल, स्टाइलिश और जिम्मेदार फैशन के रूप में अपना रहा है। यह बदलाव खादी को ग्लोबल फैशन मैप पर स्थापित कर रहा है।

प्रधानमंत्री द्वारा “मन की बात” सेले कर अंतरराष्ट्रीय मंचों तक खादी के महत्व को लगातार रेखांकित किया गया है। उनका यह कथन कि “जब आप खादी खरीद ते हैं, तो यह केवल एक वस्त्र नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों के जीवन को सशक्त बनाने का माध्यम होता है” आज वास्तविकता में परिवर्तित हो रहा है।

पिछले वर्षों में खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र ने अभूतपूर्व प्रगति की है। इस क्षेत्र का कारोबार 1.70 लाख करोड़ रुपये को पार कर चुका है और 2 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। साथ ही, कारीगरों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो उनके जीवन स्तर, आत्मविश्वास और सम्मान को नई ऊंचाइयों तक ले जा रही है।  

इस अवसर पर रूप राशि, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, खादी और ग्रामोद्योग आयोग ने कहा कि “नवयुग खादी, स्वदेशी के माध्यम से विकास के सपने को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो आधुनिक खादी के रूप में युवाओं को केंद्र में रखकर आगे बढ़ रही है।

लैक्मे फैशन वीक में प्रस्तुत इस संग्रह में समंतचौहान, COEK-खादीइंडिया, पवन सचदेवा औरश्रुति संचेती जैसे प्रमुख डिजाइनरों ने अपने अभिनव डिजाइन दृष्टिकोण के माध्यम से खादी को आधुनिकता, उत्कृष्ट शिल्प और वैश्विक अपीलके साथ प्रस्तुत किया। “नवधारा खादी” इस बात का प्रतीक है कि कैसे बापू कीचर्खा आधारित सोच आज के युवा भारत के फैशन और सस्टे नेबल लाइफ स्टाइल का हिस्सा बन रही है— यही है परंपरा से प्रगति की सशक्त यात्रा।

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